Masala Diary

वह सांझ

उस सांझ को भूलना उसके लिए मुश्किल था. ट्रक ड्राईवर की जिंदगी में माल लेकर उसे देश के तमाम शहरों में जाना पड़ता था. घर से कई-कई दिन बाहर रहने के दौरान पेट और आंखों की प्यास तो अच्छे से बुझ जाती पर तन की जरूरत जब जोर मारती तो वह परेशान हो उठता.

पहले-पहले जब उसने ट्रक चलाना शुरु किया था तब उसे समझ नहीं आता कि क्या करें. पर एक बार जब वह सड़क के किनारे वाले ढाबे पर अपनी ही ट्रांसपोर्ट में डंफर चला रहे साथी ड्राईवर निर्मल के साथ शराब पीते हुए अपने दिल का हाल बयान कर दिया तो पहले तो वह जोर से हंसा और उसके बाद उसने हम लोगों को खिला-पिला रही कल्लो की तरफ इशारा कर पूछ लिया यह चलेगी? तो हड़बड़ाहट में उससे जवाब देते नहीं बना.

निर्मल ने उसका हाथ खिंचा और ढाबे के पीछे बने छप्पर में ढकेल दिया. कल्लो वहां पहले से ही मौजूद थी. उम्र में बीस-बाइस की कल्लो तो जैसे बिस्तर की राजरानी थी. उसे वह हर अदा मालूम थी, जिससे किसी आदमी को जीता जा सकता था. मैं तो जैसे सांतवें आसमान पर था.

उस दिन मैंने ट्रक के साथ-साथ कल्लो की सवारी क्या की, मेरा मन तो वहीं अटक गया. अब जब-तब मैं अपने ट्रक पर उधर का माल ही लोड करने लगा. कल्लो भी मेरी इस चाहत से वाकिफ हो चुकी थी, पर वह यह काम मुफ्त में नहीं करती थी. हर बार वह मुझसे चार-पांच सौ तो लेती ही, मेरे ज्यादा खुश हो जाने पर बख्शीस भी मांगती. इस तरह मुझे कल्लो की लत लग गई.

पर एक बार मैं कल्लो के ढाबे से आगे एक गांव के पास सड़क के किनारे आराम कर रहा था, तभी शीशे में ठक-ठक की आवाज सुनाई दी. देखा एक सजी-संवरी सुंदर सी लड़की खड़ी थी. मुझे समझते देर नहीं लगी कि यह धंधेवाली है. पर बाहर मुंह मारने की आदत तो कल्लो ने लगा ही दी थी, इसलिए मैंने उसे ट्रक की केबिन में ही खींच लिया.

पर इसमें वह मजा नहीं आया. काम खत्म करने के बाद वह जब अपने पैसे लेकर चली गयी, तब मुझे होश आया. यह मैंने क्या किया. तन की भूख के आगे हार कर ऐसे संबंध बनाते समय मैने तो वह सावधानी भी नहीं बरती थी, जिसका ऐड टीवी पर हमेशा दिखाते हैं. मैंने कंडोम का इस्तेमाल नहीं किया था.

पर मुझे तो अब शराब की हर बॉटल की तरह ही राह में जहां भी मौका मिलता नयी औरत के साथ संबंध बनाने में मजा आने लगा था. पर यह सब मुश्किल से एकदो साल चला. उसके बाद एक बार मैं बीमार क्या पड़ा ठीक ही नहीं हुआ तो इलाज व आराम के लिए गांव वापस चला गया.

जब ज्यादा बीमार हुआ और लोकल दवा से बीमारी ठीक नहीं हुई तो बड़े सरकारी अस्पताल गया. वहां जांच से पता चला कि मुझे जानलेवा बीमारी एड्स हो गयी है. काश मैं उस सांझ मैं न बहकता तो आज मौत के मुंह में न होता.

Laoding...