Masala Diary

मोहेन जोदारो

जैसा कि नाम से ही जाहिर है ' मोहन जोदारो' फिल्म की कहानी उस समय पर आधारित है जब सिंधु घाटी सभ्यता में लोग रहा करते थे. उसी दौर के एक छोटे से गांव आमरी में एक लड़का सरमन (रितिक रोशन) अपने काका (नितिश भारद्वाज) और काकी के साथ रहता था.

सरमन एक दिन नील की फसल के व्यापार के लिए नदी पार करके पास के ही बड़े शहर मोहन जोदरो पहुंच जाता है, जहां उसकी मुलाकात चानी (पूजा हेगड़े) से होती है, उसी बीच मोहेन जोदरो में महम (कबीर बेदी) अपनी ताकत के दम पर बलपूर्वक सबके ऊपर राज करने की कोशिश करता है, जिसमें उसके बेटे मूंजा (अरुणोदय सिंह) का भी बड़ा हाथ होता है.

सरमन को यह पता चलता है तो उसके सामने दोराह आ जाती है. एक तरफ उसका अपना प्यार चानी है, तो दूसरी तरफ पूरे मोहन जोदरो को हहम के आतंक से बचाने का भी दबाव आ जाता है. उसे कुछ ऐसी बातें भी पता चलती हैं, जिसके बारे में उसे कभी भी नहीं बताया गया था. अब कैसे सरमन पूरे मोहन जोदरो को बचा पाता है, और क्या नयी बातें सामने आती हैं, यही इस फिल्म की असली बात है.

निर्देशक आशुतोष गोवारिकर का नाम आते ही कुछ सुपर डुपर हिट 'लगान' जैसी फिल्में तो कुछ काफी कमजोर फिल्में 'व्हाट्स योर राशि', 'खेलें हम जी जान से' का नाम याद आ जाता है. उन्होंने रितिक रोशन के साथ 'जोधा अकबर' जैसी बहुत बड़ी फिल्म बनाई थी और काफी कमाई भी की थी. अब लगभग 8 साल के बाद आशुतोष और रितिक की 'मोहेन जोदारो' के साथ वापसी हुई है, पर वह पिट गए से लगते हैं.

फिल्म की कहानी के पीछे काफी रिसर्च किया गया है यह तो समझ आता है, आशुतोष ने स्क्रीनप्ले और प्रीती ममगैन ने अच्छे संवाद लिखे हैं. बस कहानी और उसका फिल्मांकन बहुत ही लंबा है, जिसे छोटा किया जा सकता था. एक समय के बाद यह फिल्म टीवी सीरियल लगने लगती है.

रितिक रोशन की ऐतिहासिक ऐक्टिंग का कहना ही क्या. पूजा हेगड़े भी चानी के रोल में जमी हैं. मनीष चौधरी, शरद केलकर, नितीश भारद्वाज, कबीर बेदी, अरुणोदय सिंह और बाकी सभी कलाकारों ने अच्छा काम किया है. फिल्म का संगीत एआर रहमान ने कंपोज किया है.

कलाकारः ऋतिक रोशन, पूजा हेगड़े, कबीर बेदी, सुहासिनी मुले और अरुणोदय सिंह निर्देशकः आशुतोष गोवारिकर

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