Masala Diary

विराट संग डेट, चलेगाः प्राची देसाई

बॉलीवुड में घुसने से पहले छोटे परदे का हिस्सा रह चुकीं हीरोइन प्राची देसाई ने अब टेलीविजन की सराहना करते हुए कहा कि टीवी की पहुंच बहुत व्यापक है ...
बॉलीवुड में घुसने से पहले छोटे परदे का हिस्सा रह चुकीं हीरोइन प्राची देसाई ने अब टेलीविजन की सराहना करते हुए कहा कि टीवी की पहुंच बहुत व्यापक है और फिल्में इसकी शोहरत का मुकाबला नहीं कर सकतीं. यही वजह है कि बड़े से बड़ा स्टार भी अपनी फिल्मों की कामयाबी के लिए छोटे परदे पर प्रमोशन करना नहीं भूलता. \n\n प्राची देसाई, जिन्होंने 2008 में बॉलीवुड में अपने करियर की शुरुआत की थी. वह हालिया प्रदर्शित फिल्म 'अजहर' में दिखाई दी थीं. वह इमरान संग 'वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई' में भी दिखाई दे चुकीं हैं. प्राची के मुताबिक उनके साथ दोबारा काम करना बेहतरीन रहा. उन्होंने कहा कि मैंने 'वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई' में इमरान के साथ काम किया था. हमारी जोड़ी को 'अजहर' में भी अच्छी प्रतिक्रिया मिली, जिसके लिए मैं अपने फैंस की शुक्रगुजार हूं. \n\n पर सच तो यह है कि जो पहचान हम टीवी पर बटोर लेते हैं, फिल्मों में उसके लिए लंबे समय तक तरसना पड़ता है. इसकी कोई खास वजह? के जवाब में प्राची बताती हैं कि मुझे लगता है कि टेलीविजन अभूतपूर्व रूप से आगे बढ़ रहा है. टेलीविजन की हमेशा से अधिक लोगों तक पहुंच रही है. यह अद्भुत माध्यम है. इसके लिए आपको तैयारी कर मल्टीप्लेक्स तक नहीं आना पड़ता, न ही अलग से रुपए खर्चने पड़ते हैं. यह आपके घरों, ड्राइंगरूम यहां तक कि बेडरूम में भी मौजूद है. इसलिए निश्चित रूप से इसकी पहुंच तेज और व्यापक है.' \n\n फिल्म अजहर के प्रोमोशन के दौरान उन्होंने टीम इंडिया के ताबड़तोड़ बल्लेबाज़ विराट कोहली के बारे में अपने जिन ख्यालों का इज़हार किया था, उनमें कितनी सचाई थी? के जवाब में प्राची कहती हैं कि वह अपने बयान से भाग नहीं रहीं. आप इसे चाहे जो समझिए, पर सचाई यही है कि वह विराट कोहली को बेहद ज़्यादा पसंद करती हैं और अगर उन्हें मौका मिले तो वाकई वह विराट को डेट करना चाहती हैं.' \n\n चूंकि प्राची देसाई ने अपने अब तक के करियर में इस तरह के बयान नहीं दिए थे और जब क्रिकेटर मुहम्मद अजहरुद्दीन की बायोपिक 'अजहर' में उन्होंने अजहर की बीवी का किरदार निभाने के बाद यह बयान दिया था, तो लगा था कि वह केवल फिल्म का प्रमोशन कर रही हैं, पर अब लगता है कि प्राची अपनी रियल लाईफ में भी क्रिकेटरों को पसंद करने लगी हैं. \n\n

धरती पर जीवन बचा रही मैंः दीया मिर्जा

बॉलीवुड की मशहूर अदाकारा दीया जो भी काम करती हैं ,मन लगाकर करती हैं . एक लंबे समय के ब्रेक के बाद वह फिल्म इंडस्ट्री में लौटी हैं...
बॉलीवुड की मशहूर अदाकारा दीया जो भी काम करती हैं, मन लगाकर करती हैं . एक लंबे समय के ब्रेक के बाद वह फिल्म इंडस्ट्री में लौटी हैं, लेकिन बतौर एक्ट्रेस नहीं, बल्कि‍ एक डायरेक्टर के तौर पर. दीया ने इंटरनेशनल टाइगर डे पर अपनी एक शॉर्ट फिल्म रिलीज की, जो पर्यावरण और बाघों को बचाने की मुहिम से जुड़ी है. \n\n इस फिल्म में बाघों की आवाज हर उम्र और तबके के छोटे बच्चों ने दी, जो इस फिल्म की खासियत है. इस फिल्म में बॉलीवुड एक्टर इमरान हाशमी के बेटे ने भी एक रोल अदा किया है.आखिर दीया के पास कोई काम नहीं है क्या जो उन्होंने उम्रदराज लोगों के काम करने शुरू कर दिए? के जवाब में दीया कहती हैं, ' ऐसा नहीं है. धरती बचेगी, तभी उसमें समाज और युवा, बच्चे-बूढ़े बचेंगे. मैं इस तरह की फिल्मों के जरिए सकारात्मक सामाजिक प्रभाव बनाने में विश्वास रखती हूं.' \n\n सेवा ही मकसद था, तो उन्होंने फिल्में क्यों चुनी? के सवाल पर उनका उत्तर था, ' फिलम 'किड्स फॉर टाइगर्स' का मकसद बच्चों के जरिए 'बाघ एवं पर्यावरण संरक्षण' के संबंध में एक सरल और महत्वपूर्ण संदेश लोगों तक पहुंचाना है. सच तो यह है कि ऑडियो-वीडियो फॉर्मेट के जरिए ही आप लोगों पर अच्छा प्रभाव छोड़ सकते हैं. मैं भी इसीलिए इस फिल्म की निर्माता-निर्देशक बनी.'. \n\n बच्चों के साथ काम का अनुभव कैसा था? क्या उन्होंने तंग नहीं किया? के जवाब में दीया बताती हैं, 'बच्चों के साथ शूटिंग मजेदार रही. बच्चे उतार-चढ़ाव, सफलता-असफलता अच्छे से समझते हैं, इसलिए वह उनके जरिए कहानी सुनाना चाहती थीं. यह मेरी जिंदगी का सबसे खूबसूरत अनुभव रहा है, आने वाली पीड़ी के साथ काम करके मैं बेहद ही गर्व महसूस कर रही हूं.' \n\n आपके दिमाग में बच्चे आए कैसे? जवाब में उन्होंने कहा, ' हम सभी बचपन में तरह-तरह की आवाज निकालते हैं. इसीलिए मैं बच्चों के पास गई, मैं जानती हूं कि बच्चे प्रकृति से प्यार करते हैं, मैंने उनसे टाइगर की आवाज बनने के बारे में पूछा. सब तैयार हो गए. फिल्म का प्रत्येक बच्चा इसका हिस्सा बनना चाहता था. इनमें से कोई भी इससे पहले कैमरे के सामने नहीं आया था और इसके बावजूद उन्होंने कहानी को बेहतर बनाया.' \n\n दीया मिर्जा की फिल्म को कारा तेजपाल और साहि‍ल ने लिखा है और बॉन फ्री एंटरटेनमेंट ने इसे प्रोड्यूस किया है. हालांकि‍ नेपाल, बांगलादेश और भूटान जैसे देशों में बाघ आज भी राष्‍ट्रीय पशु है, लेकिन फिर भी ये खत्म हो रहे हैं. मिर्जा का कहना है कि, बाघ आज अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, मैं आशा करती हूं कि यह फिल्म एक अच्छा पैगाम लेकर आएगी. अगर प्रकृति बचेगी, तभी तो धरती भी बचेगी और हम सब भी. \n\n

मेरी अदा पर लोग फिदाः मेघना नायडू

हीरोइन मेघना नायडू एक्टिंग के साथ-साथ जानीमानी डांसर भी हैं. वह टीवी सीरियल 'एक मां जो लाखों के लिए बनी अम्मा' में हनान का किरदार निभा रही हैं..
हीरोइन मेघना नायडू एक्टिंग के साथ-साथ जानीमानी डांसर भी हैं. वह टीवी सीरियल 'एक मां जो लाखों के लिए बनी अम्मा' में हनान का किरदार निभा रही हैं, जिसमें उनकी अदाकारी की काफी चर्चा है. सच तो यह है कि ‘कलियों का चमन गर्ल’ मेघना नायडू काफी दिनों तक चर्चा में नहीं थीं. न उनकी कोई फिल्म आई और न ही उनके किसी वीडियो एलबम ने धूम मचाई, लेकिन मेघना ने अपनी शानदार वापसी की. \n\n उन्होंने कुछ बड़े बैनर्स की फिल्में तो साइन की हीं, अपने लुक में भी खास बदलाव किया, जिससे वे और ज्यादा सुंदर नजर आने लगीं. मेघना से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा ‘मैंने जानबूझकर एक छोटा-सा ब्रेक लिया था और चर्चाओं से दूर हो गई थी. मुझे जो समय मिला उसका मैंने पूरा फायदा उठाया. अपने लुक पर ध्यान दिया और साथ ही अच्छे प्रोजेक्ट्‍स का इंतजार किया.‘ \n\n आपको इस से मिला क्या? के जवाब में अपनी पिछली बात को ही आगे बढ़ाते हुए मेघना कहती हैं, ‘मुझे इसका लाभ मिला. अब मैं अच्छे बैनर्स की कई फिल्में कर रही हूं, जिनमें मेरी भूमिका काफी सशक्त है. मुझे खुशी है कि मेरे फैंस को मेरा नया लुक खूब भाया.' \n\n टीवी सीरियल में अम्मा नाम होने से आपको डर नहीं लग रहा कि आपको लोग उम्रदराज समझेंगे. जवाब में वह कहती हैं, सीरियल में उनका रोल दिग्गज अभिनेत्री रेखा के 'उमराव जान' से प्रेरित है.इसकी कहानी और महत्वपूर्ण भूमिका के कारण ही मैंने इस धारावाहिक को चुना. यह टीवी पर दिखने वाले बाकी धारावाहिकों से बिल्कुल अलग है.' \n\n उनके मुताबिक, 'मुझे जब हनान की भूमिका सुनाई गई, उसी समय मैं इसके लिए तैयार हो गई. मैं हनान की भूमिका के लिए बेहद उत्साहित हूं.' धारावाहिक में उन्हें परवेज (शावर अली) से प्यार हो जाता है, जो मुख्य भूमिका निभाने वाली हीरोइन जीनत (उर्वशी शर्मा) के रिश्ते के लिए खतरा बन जाती हैं. \n\n मेघना ने कहा, 'पहली बार मैं एक कामुक और मिलनसार महिला हनान की भूमिका में हूं, जो किसी का बुरा नहीं चाहती, लेकिन लोग उससे नाराज हो जाते हैं. मैं इस किरदार के लिए भाषा, चाल-चलन, बोलने के अंदाज सभी पर काफी मेहनत कर रही हूं.' \n\n मेघना नायडू का जन्म 19 सितंबर 1980 को विजयवाड़ा आंध्र प्रदेश में हुआ था. उनके पिता का नाम इतिराज है, जो कि एक टेनिस कोच हैं. उनकी मां पूर्णिमा हाफ बंगाली हैं और टीचर हैं. मेघना का पूरा बचपन मुंबई में ही बीता है. वह कॉमर्स ग्रेजुएट हैं और शास्त्रीय नृत्य भरतनाट्यम में पारंगत हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मॉडलिंग से की, उसके बाद तेलुगु फिल्मों से अपना अभिनय करियर शुरू किया. इसके बाद वह कन्नड़ और हिंदी सिनेमा में आईं. टीवी सीरियलों का वह जानापहचाना चेहरा हैं. \n\n

काला चश्मा नहीं चुराया मैंनेः करण जौहर

बॉलीवुड के टॉप डाइरेक्टर्स में एक करण जौहर को कौन नहीं जानता. मिजाज से चुलबुले और अपने काम के मास्टर करण टेलीविजन के कई कार्यक्रमों के जज हैं....
"बॉलीवुड के टॉप डाइरेक्टर्स में एक करण जौहर को कौन नहीं जानता. मिजाज से चुलबुले और अपने काम के मास्टर करण टेलीविजन के कई कार्यक्रमों के जज हैं और आईफा जैसे अवॉर्ड समारोहों में उनकी मस्ती जगजाहिर है. हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान करण जौहर ने अपने जीवन की कई बातें शेयर कीं, जिनमें उनकी पहली फिल्म 'कुछ कुछ होता है' से जुड़ी कई दिलचस्प बातें भी शामिल हैं. \n\n करण जौहर का कहना था कि 'कुछ कुछ होता है' के लिए स्टार चुनने के वक्त शाहरूख खान और काजोल तो फाइनल ही थे, लेकिन रानी मुखर्जी के रोल के लिए काफी मुश्किल हुईं, इस रोल को लेकर करण 8 एक्ट्रेसस के पास जा चुके थे, लेकिन सभी ने इनकार कर दिया था. मेरी हालत ठीक भिखारी जैसी हो गई थी, जिसे पता नहीं होता कि वह मांग रहा है तो देने वाला दे ही देगा. \n\n करण के मुताबिक ठीक ऐसी ही हालत सलमान खान वाले किरदार के लिए भी हुई. मुझे कहां कहां नहीं घूमना पड़ा. लेकिन आखिरकार मैंने सलमान खान और रानी मुखर्जी से भीख मांगा कि ये दोनों 'कुछ कुछ होता है' में काम कर ही लें. रानी मुखर्जी को कास्ट करने का आइडिया मुझे आदित्य चोपड़ा और शाहरूख खान ने दिया था. उन्होंने रानी की फिल्म 'राजा की आएगी बारात' देखकर मुझे कहा था कि रानी इस रोल के लिए सही रहेगी. उस वक्त रानी 'गुलाम' की शूटिंग करने वाली थी. \n\n फिल्म ‘बार बार देखो’ में ‘काला चश्मा’ नामक गीत से जुड़े बवाल के पीछे क्या है? के जवाब में फिल्मकार करण जौहर कहते हैं, यह पंजाबी गीत का रीमेक है, जो लोगों के चेहरे पर खुशी लाएगा. सिद्धार्थ मल्होत्रा और कैटरीना कैफ जैसे सितारों वाली इस फिल्म के गीत एक्सेल एंटरटेनमेंट और धर्मा प्रोडक्शंस ट्रेलर के रिलीज से पहले ही जारी करेंगे. गीत ‘काला चश्मा’ का कॉपीराइट भी हमें मिल गया है. \n\n करण के मुताबिक, 'बारबार बार देखो’ जिंदगी और प्यार का एक उत्सव है. ‘काला चश्मा’ नामक गीत आपके चेहरे पर खुशी लाएगा और यह व्यावहारिक गीत है. यह फिल्म 9 सितंबर को रिलीज होगी. जिसमें 18 से 60 साल तक के इनसान के जीवन के बारे में बताया गया है. सच तो यह है कि 'काला चश्मा' गीत बॉस्को-सीजर द्वारा कोरियोग्राफ किए गए अमर अरशी के 1990 के पंजाबी गीत ‘तेन्नू काला चश्मा जज्ता वे’ का रीमेक है. जब मैं यह मान ही रहा तो कंट्रोवर्सी कहां? \n\n"

आराध्या से सीख रहा अबः अमिताभ बच्चन

मेगास्टार अमिताभ बच्चन पिता की भूमिका में तो कई फिल्मों में आ चुके है ,पर फिल्म 'तीन' में वह दादाजी के रोल में नजर आने वाले हैं...
"मेगास्टार अमिताभ बच्चन पिता की भूमिका में तो कई फिल्मों में आ चुके है, पर फिल्म 'तीन' में वह दादाजी के रोल में नजर आने वाले हैं. यह भूमिका फिल्म 'पीकू' के पिता और 'भूतनाथ' के बुजुर्ग वाले रोल से अलग है. क्या फिल्म 'तीन' में दादाजी का उनका किरदार निजी जीवन के अनुभव से जुड़ा है? \n\n बिग-बी का जवाब है, ऐसा बस सौभाग्यवश ही है कि निजी जीवन में मैं पिता, दादा समेत नाना भी हूं. अब मेरी परफॉर्मेंस में कहीं न कहीं यह दिखाई तो देगा ही. पर मैं फिल्म की कहानी, पटकथा से बाहर जाकर तो कुछ कर नहीं सकता. यह जरूर है कि आज की पीढ़ी में बच्चों का बरताव और उनका स्वभाव देखकर बड़ा अचरज होता है. \n\n आज 2 साल के बच्चे आई पैड चला रहे हैं और आराध्या 4 साल की उम्र में अपने कार्टून्स और गेम्स में बिजी रहती है. वह इसी उम्र में पूरा गायत्री मंत्र और गणपति बप्पा के कई श्लोक रट चुकी है. \n\n आज के दौर में हिंदी फिल्मों में गानों का उपयोग कम हो रहा है, जबकि किसी दौर में हिन्दी फिल्म की पहचान ही उसके संगीत से होती थी? आपका क्या सोचना है? के सवाल पर सदी के महानायक का जवाब है? अगर जरूरत है तो गाना जरूर होना चाहिए, पर अगर फिल्म में इसकी कहीं जरूरत ही न हो तो जबरदस्ती गाना ढूंढने का क्या मतलब? \n\n आज का मीडिया हर सेलिब्रिटी की जिंदगी में दखल दे रहा है, आप का मत? के जवाब में अमिताभ का उत्तर है, नहीं-नहीं ऐसा कुछ भी नहीं है. हमारे जीवन में मीडिया बहुत ही आवश्यक है. वह सूचना देने के साथ ही राय भी दे रहा है. दुनिया भर की खबरें भी हमारे सामने लाकर रख रहा है. समय-समय पर हमारे काम की वे तारीफ भी करते हैं. फिल्म के रिलीज होने पर मीडिया से ही हमें पता चलता है कि उसमें क्या गलत या सही था. \n\n अभिषेक और आपके बीच एक दोस्ती का रिश्ता है. जब उनकी असफलता को आपसे जोड़ के देखा जाता है तो कैसा फील होता है? पर शहंशाह का जवाब था, वाकई में ऐसा नहीं होना चाहिए... हर कलाकार का अपना एक नजरिया होता है, जिस पर वह काम करता है. उनकी जो अपनी योग्यता है, उसी के साथ उनका आंकलन होना चाहिए. फिल्म में कई सारे कलाकार होते हैं. हमेशा ही सफलता या असफलता किसी एक के कंधे नहीं होती. \n\n"

अकेले हो, फिर अफवाहें उड़ने दोः अर्जुन कपूर

अर्जुन कपूर का नाम अकसर उनके साथी कलाकारों के साथ प्रेम संबंधों में जुड़ता रहा है ,लेकिन अर्जुन का कहना है कि इअन बातों में खास सचाई नहीं है..
अर्जुन कपूर का नाम अकसर उनके साथी कलाकारों के साथ प्रेम संबंधों में जुड़ता रहा है, लेकिन अर्जुन का कहना है कि इअन बातों में खास सचाई नहीं है, बल्कि यह शोबिज जगत का हिस्सा है और ऐसा केवल इसलिए है क्योंकि वह ‘अकेले’ और नौजवान हैं. \n\n अब तक चार फिल्मों में काम कर चुके अर्जुन कपूर का नाम उनकी साथी कलाकार आलिया भट्ट और परिणीति चोपड़ा के साथ जुड़ चुका है. लेकिन अर्जुन का कहना है कि ऐसा कुछ भी नहीं है. उन्हीं के शब्दों में, 'हम एक दूसरे के साथ सहज महसूस करते हैं. हम अच्छे दोस्त हैं और इस वजह से परदे पर हमारा तालमेल अच्छा है. मैं आलिया को ‘2 स्टे्टस’ से भी पहले से जानता हूं और परिणीति के साथ मेरा तालमेल बहुत अच्छा है.' \n\n आगे उनका कहना था, 'प्रेम संबंधों की अफवाहों से मैं परेशान नहीं होता. जब आप एक हीरो हैं और अकेले हैं तो इस तरह की चीजें आपकी जिंदगी का हिस्सा बन जाती हैं.’ \n\n अर्जुन हाल ही में गरीब बच्चों की शिक्षा में मदद करने के लिए एक सामाजिक पहल ‘पी एंड जी शिक्षा’ से भी जुड़े हैं. चर्चित कंपनी प्रॉक्टर एंड गैंबल द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान के बारे में अर्जुन का कहना है कि, ‘ बचपन से ही मुझमें समाज के लिए कुछ करने की भावना थी. मैं इस सामाजिक मुद्दे से हमेशा जुड़ाव महसूस करता रहा हूं. पढ़ाई-लिखाई किसी भी देश की नींव है. यह भारत के हर नागरिक की प्राथमिक जरूरत है. साथ ही गरीबी और बेरोजगारी से लड़ने का एक महत्त्वपूर्ण औजार भी है. यह किसी देश के विकास के लिए बहुत जरूरी है.’ \n\n दूसरे कलाकारों के सौ करोड़ क्लब के बीच अपनी फिल्मों के बॉक्स ऑफिस पर कमाई को लेकर वह क्या सोचते हैं के जवाब में अर्जुन ने कहा कि, ‘मैं जब कोई फिल्म करता हूं तो बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड के बारे में नहीं सोचता. ऐसा होना अच्छी बात है. पर एक कलाकार के लिए बॉक्स ऑफिस पर कमाई के अलावा भी ढेरों बातें मैटर करती हैं. उसे अपने दर्शकों की सबसे ज्यादा चिंता होती है.' \n\n अर्जुन ने आगे कहा कि, 'मैं खुश हूं कि मेरी फिल्में दर्शकों के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ती रही हैं. मैं खुश हूं कि दर्शकों को मेरी अब तक की सभी फिल्में पसंद आईं. आगे भी उनका यह प्यार बना रहे, यही कामना है.' \n\n

जश्न की तरह जीओ जिंदगी: सलमा हायेक

हॉलीवुड अदाकारा सलमा हायेक का कहना है कि लोगों को जिंदगी एक जश्न की तरह जीना चाहिए. इसी साल 50 छूने वाली सलमा का मानना है कि उनका अति उत्साही होना ज्यादा ठीक बात नहीं है ..
हॉलीवुड अदाकारा सलमा हायेक का कहना है कि लोगों को जिंदगी एक जश्न की तरह जीना चाहिए. इसी साल 50 छूने वाली सलमा का मानना है कि उनका अति उत्साही होना ज्यादा ठीक बात नहीं है फिर भी उम्र के इस पड़ाव पर आकर मैं लोगों को सीख तो दे ही सकती हूं. \n\n सलमा हायेक ने कहा कि आप जो हैं उसका भरपूर मजा उठाएं और अपनी जिंदगी का जश्न मनाएं. उन्होंने कहा कि मैं 50वें साल में प्रवेश कर रही हूं. इस समय आपका आत्मविश्वास कमजोर हो जाता है. पर मुझे लगता है कि हर किसी के लिए यह हर दिन पर निर्भर करता है. कुछ दिन होते हैं, जब आपको बेहद अच्छा महसूस होता है, जबकि कुछ दिन ऐसे होते हैं, जब आप विश्वास नहीं कर पाते कि ऐसा क्यों हो रहा है. \n\n अपने बिंदास बोल और अंदाज के लिए चर्चित सलमा हायेक ने इस मौके पर अपनी जिंदगी से जुड़ी कई घटनाएं शेयर कीं. उन्होंने बताया कि 1992 में आई फिल्म ‘डेस्पेराडो’ में हीरो एंटोनियो बैंडरेस के साथ बिना कपड़ों के लव सीन की शूटिंग से पहले वह रो पड़ी थीं. उन्हें इस बात की चिंता थी कि उनके गार्जियन जब फिल्म देखेंगे, तो क्या सोचेंगे. यह उनकी पहली अमेरिकी फिल्म थी. \n\n फ्रांसीसी अरबपति फ्रांसिस्को हेनरी पिनॉल्ट से विवाह करने वाली सलमा ने इस मौके पर एक और वाकिए को याद किया. उन्हें याद है कि अमेरिकी टीवी शो ' वाच व्हाट हपेंस लाइव' में जब उनसे अपने पसंदीदा खाने का ज़िक्र करते हुए कहा गया कि वह क्या-क्या खा सकती हैं, तो किस तरह उन्होंने डीप फ्राय मेंढक को उठाकर कहा 'ये मेंढक है या उसकी टांग?' \n\n फिर इस अजीबोगरीब खाने का स्वाद लेते हुए सलमा ने कहा 'मैं ये हमेशा खाती हूं, क्योंकि मैं फ्रांस में रहती हूं, वहां पर तो ये बड़ी आम बात है. इसके बाद उन्होंने रेशम के कीड़े की एक रेसिपी को भी बड़े ही आराम से खाते हुए बताया था कि ये मैक्सिको की डिश है. मजेदार बात तो यह कि तब मैंने यह भी कहा था कि मैं प्याज़ नहीं खाती. \n\n मैक्सिको से ताल्लुक रखने वाली सलमा ने हॉलीवुड की मशहूर अदाकारा हैं. उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के ऑस्कर पुरस्कार के लिए भी नामांकित किया जा चुका है. उन्होंने कहा, 'मैं भावुक नहीं हूं, लेकिन अगर मैं हीरोइन नहीं तो शायद एक अंतरिक्ष यात्री होती या फिर फूलों की एक दुकान की मालकिन. मैं फुटबॉल खेल को बेहद पसंद करती हूं. यह मेरे उत्साह को बढ़ाता है. वैसे तो मैं बेहद कठोर हूं, लेकिन यह खेल ऐसी चीज़ है, जो मुझे रोने के लिए मजबूर कर देती है.' \n\n

जरूरी नहीं सेलेब्रिटी शो स्टॉपर: वरुण बहल

ऐसे दौर में जब फैशन मेले में फिल्म सेलेब्रिटीज और खिलाड़ियों को शो स्टॉपर्स के तौर पर चुनना आम बात है ,तब फैशन डिजाइनर वरुण बहल का मानना है कि शो की सफलता के लिए आखिरी में आपका काम ही बोलता है ,
ऐसे दौर में जब फैशन मेले में फिल्म सेलेब्रिटीज और खिलाड़ियों को शो स्टॉपर्स के तौर पर चुनना आम बात है, तब फैशन डिजाइनर वरुण बहल का मानना है कि शो की सफलता के लिए आखिरी में आपका काम ही बोलता है, आपका मॉडल नहीं. \n\n बहल के मुताबिक, 'यह ठीक है कि भारत में बॉलीवुड और फैशन एक ही सिक्के के दो पहलू हैं और ट्रेंड्स और स्टाइल्स के छाने में सेलेब्रिटीज का काफी बड़ा हाथ होता है. लेकिन मैं सेलेब्रिटी से फैशन को तभी जोड़ता हूं, जब वह उसके अनुरूप हो.' \n\n कमाल की बात तो यह कि कई फैशन शो में करीना कपूर खान, माधुरी दीक्षित नेने, अदिति राव हैदरी, निमरत कौर और कृति सेनोन जैसी हीरोइनें बहल के डिजाइन्स पहनकर रैंप पर अपना जलवा बिखेर चुकी हैं. बहल अपने बनाए ड्रेस में फूलों के प्रिंट्स को आधुनिक टच के साथ बेहद नवीनता से प्रयोग करने में माहिर हैं. \n\n कॉत्यूर ब्रांड क्या केवल ब्राइडल ड्रेस के लिए ही जाना जाता है, पूछे जाने पर बहल का जवाब है, 'कोई भी इस बात से इनकार नहीं कर सकता कि भारत में कॉत्यूर बाजार मुख्य रूप से ब्राइडल ड्रेस पर ही टिका है. यहां का बाजार तो दोनों को एक ही सिक्के के दो पहलू मानता है. ऐसा इसलिए भी है क्योंकि देश में शादी का बाजार काफी बड़ा है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. \n\n डिजाइनर बहल ने आगे यह भी साफ किया कि, ' चूंकि कॉत्यूर ब्रांड मोटी कीमतों से जुड़ा है, इसलिए लोग ज्यादातर इन्हें शादी से जुड़े उत्सवों के लिए ही खरीदते हैं. एक ब्रांड के तौर पर हम शुरू से ही कॉत्यूर को रोजमर्रा के वॉर्डरोब के हिस्से के रूप में मशहूर करने का प्रयास करते रहे हैं. पर यह अभी हो नहीं पाया है. \n\n बहल के मुताबिक, 'नई दिल्ली और मुंबई के लोगों में फैशन की समझ के मामले में कोई फर्क नहीं है. दोनों ही शहर देश में स्टाइल का केंद्र हैं. हालांकि यह सही है कि दोनों शहरों के स्टाइल अलग हैं, पर यह भी ठीक है कि लोग नए लुक के साथ प्रयोग करने के लिए हरदम तैयार हैं.' \n\n

हर रात हर एक के बेडरूम में घुस जाती हूंः प्रियंका चोपड़ा

रूपहले परदे पर अपने अनूठे रोल के लिए मशहूर अभिनेता बॉलीवुड की खूबसूरत ,सफल और चर्चित हीरोइन प्रियंका चोपड़ा ने अब हॉलीवुड में भी झंडा गाड़ दिया है...
"बॉलीवुड की खूबसूरत, सफल और चर्चित हीरोइन प्रियंका चोपड़ा ने अब हॉलीवुड में भी झंडा गाड़ दिया है. चहुंओर शोहरत उनके कदम चूम रही है. हालांकि 'बरफी' , 'मैरी कॉम' और ' बाजीराव मस्तानी' जैसी सुपर हिट हिंदी फिल्मों में पॉजिटिव रोल करने वाली प्रियंका ने विदेशी फिल्मों में शुरुआत निगेटिव रोल से की है. \n\n हॉलीवुड में आप निगेटिव कैरेक्टर क्यों निभा रही हैं? के सवाल पर प्रियंका चोपड़ा का जवाब है, "" सारी भूमिकाएं ऐसी नहीं हैं. हां 'बेवॉच' में मैं ने खलनायिका की भूमिका निभाई है, क्योंकि कहानी की स्क्रिप्ट के हिसाब से मुझे 'बुरा होना' पसंद है. इस फिल्म में मैं विक्टोरिया लीड्स की भूमिका में हूं, तो मुझे उन्हीं जैसी तो दिखना चाहिए. \n\n बॉलीवुड की इतनी बड़ी अदाकारा ने अमरीका जाकर टीवी शो क्यों करना शुरू कर दिया, इससे उन्हें क्या मिला? "" आप शायद मेरे अमेरिकी शो 'क्वांटिको' की बात कर रहे हैं, तो आपको बता दूं, 'क्वांटिको' से मुझे विश्व के कई देशों में पहचान मिली है. विदेशों में एयरपोर्ट पर मुझे देखकर लोग शो के मेरे नाम, 'एलेक्स-एलेक्स' कह कर चिल्लाने लगते हैं. \n\n आपकी आखिरी बॉलीवुड रिलीज 'बाजीराव मस्तानी' थी. अभी तक आपने किसी नई बॉलीवुड फिल्म को नहीं लिया है. ऐसे में आपको अपने हिंदी दर्शकों को खोने का भय नहीं है? ""भय क्यों होगा. अब लोग मेरे नाम को गूगल पर टाइप करके मेरी हिन्दी फ़िल्में भी देखने लगे हैं. यहां तक कि एक लड़की ने हिंदी में मुझे मैसेज भी किया.इस तरह से मैं हिंदी की सेवा ही कर रही हूं."" \n\n 'मैक्सिम इंडिया मैग्जीन' ने आपको हॉटेस्ट वुमन इन द वर्ल्ड चुना है. कोई खास वजह? हंसते हुए, "" जिस तरह से मैं विदेशों में पॉपुलर हो रही हूं, उसे देखते हुए यह तो होगा ही. आखिर हर रात अमेरिकन सीरियल 'क्वांटिको' के साथ मैं हर किसी के बेडरूम में जो पहुंच जाती हूं."" \n\n खुले विदेशी माहौल में कोई ब्वॉयफ्रेंड? "" नहीं. मैंने आज तक कभी भी किसी आदमी को डेट नहीं किया है. यह बड़ा अजीब लगता है कि किसी एक के साथ डेट पर जाओ और अगले ही हफ्ते में दूसरे के साथ ड्रिंक करती पाई जाओ. मैं हमेशा ही रिलेशनशिप के पक्ष में रही हूं. जब आप किसी को पसंद करते हैं, उसके बारे में बात करते हैं, एक रिश्ते में बंधते हैं, तो आप एक दूसरे के प्रति जवाबदेह होते हैं. जबकि डेटिंग में कोई जवाबदेही नहीं होती. \n\n"

सलमान, शाहरूख स्टार और मैं वेटर जैसाः आमिर खान

रूपहले परदे पर अपने अनूठे रोल के लिए मशहूर अभिनेता आमिर खान ने हमेशा कुछ हट के किया है...
"रूपहले परदे पर अपने अनूठे रोल के लिए मशहूर अभिनेता आमिर खान ने हमेशा कुछ हट के किया है. फिल्म 'सरफरोश' से लेकर 'थ्री इडियट्स', 'गजनी', 'तारे जमीं पर' और 'पीके' जैसी सुपर-डुपर हिट फिल्में तो उनके खाते में हैं ही, छोटे परदे पर सामाजिक समस्याओं को केंद्र में रखकर उनके द्वारा बनाए गए रियलिटी सीरियल 'सत्यमेव जयते' को दुनिया भर में प्रशंसा मिली है. \n\n इस बार आमिर खान अपनी आने वाली फिल्म 'दंगल' को लेकर चर्चा में हैं, जिसके बारे में उनका कहना है कि वह इसे 60 साल की उम्र में बनाना चाहते थे. क्योंकि अभी वह युवक का किरदार ही निभा रहे हैं, और परदे पर अपने से काफी कम उम्र की लड़कियों के साथ रोमांस करते नजर आते हैं. \n\n अगर यह बात थी तो आपने ‘दंगल’ फिल्म स्वीकारी ही क्यों? के जवाब में आमिर कहते हैं, ""आप जानते हैं कि मेरी फिल्मों में हमेशा कहानी सबसे ऊपर होती है. मैंने जब 'दंगल' की कहानी पढ़ी, तो यह मुझे काफी पसंद आई. इस कहानी से मैं रोया भी और हंसा भी. इसकी पटकथा इतनी प्रेरक थी कि मैं ना नहीं कर सका."" \n\n आखिर 'दंगल' की कहानी में ऐसा क्या है, जो वह एक ऐसे उम्रदराज व्यक्ति का रोल करने के लिए तैयार हो गए? हाल ही में जारी फिल्म के पोस्टर में तो उन्हें उनकी चार बेटियों के साथ बैठे भी दिखाया गया है? पर आमिर का उत्तर था, "" इस फिल्म में 55 साल के व्यक्ति का किरदार उनकी असल उम्र के काफी करीब था. फिर यह फिल्म दिग्गज पहलवान महावीर सिंह फोगाट के जीवन पर आधारित है, जिसे नितेश तिवारी निर्देशित कर रहे हैं. पहले मेरे भीतर थोड़ा सा डर भी था. सोचा कि यह फिल्म 60 साल की उम्र होने के बाद मिलती तो ठीक होता. पर फिर सोचा कि तब इसमें चैलेंज क्या होता? \n\n अपने साथी बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान और शाहरूख खान के बारे में आप क्या सोचते हैं? का जवाब आमिर कुछ इस अंदाज में देते हैं. "" मुझे हमेशा लगता है कि जब सलमान किसी कमरे में घुसते हैं तो आपको लगता है कि कोई स्टार आ गया है. जब मैं घुसता हूं, तो मुझे लगता है कि कोई वेटर आया है. माफी मागूंगा कि मैंने ऐसा कहा क्योंकि वेटर अच्छे लोग होते हैं. मुझे लगता है कि जब मैं अंदर जाता हूं, तो मुझे लगता कि मैं कुछ नहीं हूं, क्योंकि मैं चुपचाप अंदर घुसता हूं. मुझमें स्टार वाले गुण नहीं है. वे मुझसे बड़े स्टार हैं.' \n\n"

बॉलीवुड में हीरोइनें ही अब असली हीरोः माधुरी दीक्षित

नब्बे के दशक में अपनी अदाकारी और सेक्सी डांस के दम पर बॉलीवुड पर राज कर चुकीं हीरोइन माधुरी दीक्षित ...
नब्बे के दशक में अपनी अदाकारी और सेक्सी डांस के दम पर बॉलीवुड पर राज कर चुकीं हीरोइन माधुरी दीक्षित ने 1984 में आई फिल्म ‘अबोध’ से फिल्म जगत में कदम रखा और ‘तेजाब’, ‘राम लखन’, ‘दिल’, ‘बेटा’, ‘हम आपके हैं कौन’, ‘अनजान’, ‘मृत्युदंड’, ‘पुकार’, ‘दिल तो पागल है’ और ‘देवदास’ जैसी हिट फिल्में दीं. \n\n रूपहले परदे पर अपने तीन दशक के कैरियर में माधुरी दीक्षित ने बॉलीवुड में इतने बदलावों को देखा है कि उनकी बातों की अपनी अहमियत है. इसीलिए जब इस धक-धक बाला ने कहा कि बड़े परदे पर अब महिला कलाकार केवल सपोर्टिंग कैरेक्टर में या फिर केवल ग्लैमरस गर्ल की भूमिका में नहीं रह गई हैं, तो इसके बड़े मायने निकले. \n\n फिल्म पत्रकारों की एक लंबी जमात ने माधुरी के इस बयान पर सवालों के गोले दाग दिए, जिस पर जवाब आया, “ मेरी बातों पर आप लोगों को अचरज क्यों है? आजकल की हिन्दी फिल्मों में महिला किरदारों को काफी महत्त्व दिया जा रहा है. हमारे जमाने में ऐसा नहीं था. विद्या बालन को केंद्र में रखकर 'कहानी' की बात को थोड़ा पुरानी भी मान लें, तो ‘नीरजा’ अभी ताजा उदाहरण है, जिसमें सोनम कपूर ने सैकड़ों लोगों की जान बचाने वाली एयरहोस्टेस का किरदार निभाया. इसी तरह ‘उड़ता पंजाब’ में आलिया भट्ट के रोल को भी देख सकते हैं.” \n\n हालांकि बाद में माधुरी ने यह माना कि, ‘उड़ता पंजाब’ महिलाओं पर बेस्ड फिल्म नहीं थी, लेकिन इसमें दिखाए गए महिला किरदार काफी इंपार्टेंट और स्ट्रॉंग हैं. इन फिल्मों के ये कैरेक्टर यह साबित करने के लिए काफी हैं कि मुंबईया फिल्मों की हीरोइन केवल सुंदरता की मूरत भर नहीं रह गई हैं. \n\n अमेरिका निवासी भारतीय मूल के डॉक्टर श्री राम नेने से शादी के बाद माधुरी के कैरियर की रफ्तार थोड़ी धीमी क्यों पड़ गई, के जवाब में माधुरी का कहना है कि कम फिल्में करना मेरा निजी फैसला रहा है, क्योंकि मुझे अपने दोनों बेटों आरिन और रयान की देखभाल करनी थी. फिर आज के समय में तो यह चलन हो गया है कि लोग साल में एक फिल्म करना चाहते हैं. पुराने समय में देखूं, तो मैंने एक साल में 12 फिल्में की थी, लेकिन उस दौर में काम करने का तरीका काफी अलग था. आज के समय में आप अपनी स्क्रिप्ट पढ़ने के लिए समय ले सकते हैं और अप्ने मन के हिसाब से कैरेक्टर का चुनाव कर सकते हैं. मुझे भी यह तरीका काफी पसंद है. \n\n

जब दीपिका से शादी करूंगा तो बता दूंगाः रणवीर सिंह

1985 में मुंबई के एक सिंधी परिवार में जन्में हीरो रणवीर सिंह के पिता जगजीत सिंह भावनानी बांद्रा बेस्ड रियल स्टेट में व्यापारी हैं...
1985 में मुंबई के एक सिंधी परिवार में जन्में हीरो रणवीर सिंह के पिता जगजीत सिंह भावनानी बांद्रा बेस्ड रियल स्टेट में व्यापारी हैं. मम्मी परिवार की देखभाल करती हैं. घर में एक्टिंग का कोई माहौल नहीं था. पर रणवीर का बचपन से ही हीरो बनने का मन था. \n\n रणवीर सिंह ने यूएसए की इंडियाना युनिवर्सिटी, ब्लूमिंगटन से बैचलर ऑफ आर्ट्स की डिग्री हासिल की और ऐक्टिंग की जगह कुछ वक्त लेखन पर ध्यान दिया. फिर वह एक्टर कैसे बने? \n\n जवाब में रणवीर कहते हैं, " एक्टिंग मेरा पहला प्यार है. पर एक्टिंग के अलावा कुछ दूसरा भी सीखने में बुराई क्या थी. इसीलिए मैंने रचनात्मक लेखन किया और कुछ समय एडवरटाइजिंग फील्ड में बतौर कॉपी राइटर काम भी किया. पर जैसे ही कॉलेज की पढ़ाई पूरी हुई, डिग्री लेकर मैं भारत लौटा तो हीरो के लिए ऑडिशन देने शुरू कर दिए. 2010 में यश राज फिल्म्स की नई फिल्म ‘बैंड बाजा बारात’ में रोल मिल गया. बाकी की कहानी आपको पता है ही." \n\n ‘बैंड बाजा बारात’ के लिए रणवीर ने सर्वश्रेष्ठ न्यूकमर एक्टर का फिल्मफेयर पुरस्कार भी जीता. इसके बाद ‘लेडिस वर्सेस रिकी बहल’ (2011), ‘बॉम्बे टॉकीज’ (2013), ‘लुटेरा’ (2013), ‘गोलियों की रासलीला राम-लीला’ (2013), ‘गुंडे’ (2014), ‘फाइंडिंग फैन्नी’ (2014), ‘किल दिल’ (2014), ‘हे ब्रो’ (2015), ‘दिल धड़कने दो’ (2015), ‘बाजीराव मस्तानी’ (2015), और ‘बेफिक्रे’ (2016) जैसी फिल्में उनके खाते में रहीं. \n\n आखिर पहली ही फिल्म में इतनी अच्छी एक्टिंग आई कैसे? के जवाब में रणवीर कहते हैं, " थियेटर में मेरी रूचि थी. मैं थियेटर का स्टूडेंट भी रहा हूं. मैंने अपने नाम से भावनानी केवल इसलिए हटा दिया, क्योंकि मुझे लगता था कि इस नाम के साथ फिल्म इंडस्ट्री में मुझे अधिक अहमियत नहीं मिलती. वैसे भी बतौर हीरो यह नाम बहुत लंबा पड़ता, रणवीर सिंह भावनानी." कह ठहाका लगाकर हंस पड़ते हैं रणवीर. \n\n फिल्म ‘बाजीराव मस्तानी’ में पेशवा बाजीराव के रोल को दमदार ढंग से निभा कर दर्शकों के बीच धूम मचाने वाले रणवीर सिंह को इस फिल्म के लिए बेस्ट एक्टर का खिताब भी मिला, फिर भी अभी वह खुद को ‘मम्माज ब्वॉय’ कहलाना ही पसंद करते हैं. \n\n बॉलीवुड के गलियारों में रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण की सगाई की अटकलों पर रणवीर ने कहा कि जब भी ऐसा होगा, आपको पता चल जाएगा. हम कोई चोरी तो नहीं कर रहे. याद रहे कि रणवीर और दीपिका की हाल ही में एक अवॉर्ड सेरेमनी के दौरान नजदीकियां साफ साफ नजर आई थीं, जब दीपिका रणवीर की परफार्मेंस के बाद उन्हें फ्लाइंग किस देती नजर आईं थीं. \n\n

16 की उम्र से देख रही थी शादी का सपनाः दिव्यंका त्रिपाठी

'ये हैं मुहब्बतें' ,'बनूं मैं तेरी दुलहन' व 'चिंटू ,चिंकी और एक बड़ी सी लव स्टोरी' जैसे टीवी सीरियलों से छोटे परदे पर अपनी पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस दिव्यंका त्रिपाठी की शादी से....
'ये हैं मुहब्बतें', 'बनूं मैं तेरी दुलहन' व 'चिंटू, चिंकी और एक बड़ी सी लव स्टोरी' जैसे टीवी सीरियलों से छोटे परदे पर अपनी पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस दिव्यंका त्रिपाठी की शादी से ज्यादा चर्चा उससे जुड़ी उनकी बातों की है. इसीलिए जब दिव्यंका की विवेक दहिया से शादी के बारे में सवाल हुए, तो इस भोपाली बाला ने बड़े बिंदास अंदाज में अपनी बातें रखीं. दिव्यंका के मुताबिक 16 साल की उम्र से ही वह शादी का सपना देख रही थी. पर सही जोड़ीदार अब मिला है. \n\n दिव्यंका के ही शब्दों में, "मैं विवेक जैसे इनसान को अपनी लाइफ में पाकर खुद को लकी मानती हूं. वह बिना किसी शर्त के मुझसे प्यार करते हैं. वह मेरी बहुत परवाह करते हैं और सबसे अच्छी बात यह है कि वह एक फैमिली पर्सन हैं. मैं ऐसे इनसान के साथ कम्फर्टेबल फील नहीं करती, जो हार्डकोर हो या फिर जिसे ग्लैमर ज्यादा पसंद हो. ऐसा आदमी मेरे साथ खुश नहीं रह सकता है. मैं उस तरह की लड़की नहीं हूं. विवेक के बारे में सबसे अच्छी बात यह है कि वह कभी झूठ नहीं बोलते और हर चीज में ईमानदार हैं. मैं उन्हें इसलिए भी प्यार करती हूं कि वह सिर्फ मेरे साथ ही नहीं, दूसरे लोगों के साथ भी सच्चे हैं. उनका दिल बहुत साफ है." \n\n चलिए शादी का तो समझ में आया, पर हनीमून और बच्चों के बारे में कुछ सोचा है? जवाब में दिव्यंका कहती हैं, "विवेक ने पहले से ही प्लान करके रखा है और मैंने सब उन पर ही छोड़ दिया है. मैं सरप्राइज पसंद करती हूं. यदि अपनी पसंद की डेस्टिनेशन की बात करूं तो मुझे पहाड़ी इलाकों में जाना पसंद है वैसे भी यदि मेरे पास विवेक जैसी कंपनी है, तो मुझे कुछ प्लान करने की जरूरत नहींं है. रही बच्चों की बात, तो मैं हमेशा से बच्चों के लिए तैयार हूं. लेकिन मुझे लगता है कि इस बारे में कोई बात करना अभी जल्दबाजी होगा. हम शादी करके अपने रिश्ते को एक स्टेप आगे बढ़ा रहे हैं, बच्चों के बारे में बाद में सोचेंगे." \n\n मजे की बात यह कि दिव्यंका और विवेक की शादी से ठीक पहले दिव्यंका के पुराने ब्वॉय फ्रेंड शरद मल्होत्रा ने भी एक इंटरव्यू में अपने उन दिनों को याद किया है, जब दिव्यंका के साथ उनका अफेयर चल रहा था. दिव्यंका और शरद मल्होत्रा का रिश्ता करीब सात साल तक चला. बाद में मार्च, 2015 में इनका ब्रेकअप हो गया. इस के बाद ही शो 'ये है मोहब्बतें' में दिव्यंका और उनके को-स्टार विवेक दाहिया के बीच नजदीकियां बढ़ीं और दोनों की शादी हो गई. \n\n

यामी गौतम:जुनूनियत' में मेरा लुक बोल्ड

बॉलीवुड की कातिल अदाकारा यामी गौतम फिल्म 'जुनूनियत' से एक बार फिर रूपहले...
"बॉलीवुड की कातिल अदाकारा यामी गौतम फिल्म 'जुनूनियत' से एक बार फिर रूपहले परदे पर अपनी वापसी कर रही हैं. इस फिल्म में यामी को उनके अब तक के सबसे मॉडर्न अवतार में देखा जाएगा. 'सनम रे' के बाद पुलकित सम्राट के साथ एक बार फिर परदे पर वापसी कर रही यामी गौतम ने बताया कि यह फिल्म करने की वजह इसकी कहानी है. \n\n आखिर उनकी इस नई फिल्म की कहानी और उसमें उनका रोल क्या है? के जवाब में यामी का जवाब है, मेरा किरदार अब तक निभाए गए मेरे अन्य किरदारों से एकदम जुदा है. मैं इसमें अपने अब तक के सबसे बोल्ड लुक में नजर आऊंगी. फिल्म में मैं अमृतसर की सुहानी नाम की लड़की का किरदार निभा रही हूं, जिसे कैप्टन जहान बख्शी नाम के एक फौजी से प्यार हो जाता है, लेकिन मेरे परिवार को जहान के साथ मेरा रिश्ता मंजूर नहीं. हालांकि मेरे ताऊजी और भाई भी फौज में रह चुके हैं, लेकिन इन सबके बावजूद किसी वजह से मेरा समूचा परिवार जहान के साथ मेरे रिश्ते के विरोध में हैं. \n\n इस फिल्म में उनके साथ और कौन काम कर रहा है? जवाब में यामी बताती हैं कि ऋषिता भट्ट भी एक अहम रोल में दिखाई देंगी. ऋषिता फिल्म में मेरी भाभी का किरदार निभा रही हैं. वह बहुत ही बेहतरीन अदाकारा हैं. फिल्म में उनका किरदार भी बहुत अहम है. हालांकि, मैंने उनके साथ पहली बार काम किया है लेकिन हमारी बॉन्डिंग इतनी अच्छी है कि मुझे ये महसूस ही नहीं हुआ कि हम पहली बार मिले और काम कर रहे हैं. \n\n जूनूनियत' की शूटिंग कश्मीर और पंजाब में हुई है. यामी कश्मीर में शूटिंग के अनुभव को साझा करते हुए कहती हैं कि हमने वहां ठंड में शूटिंग की. कश्मीर में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है. वहां बिजली की बहुत दिक्कत है. कड़ाके की ठंड में बिना बिजली के रात में शूटिंग करना खासा मुश्किल रहा, लेकिन वहां के लोग बहुत अच्छे और मददगार हैं, शूटिंग के दौरान स्थानीय लोगों ने हमारी काफी मदद भी की, कश्मीर में शूटिंग के ये पल मुझे जिंदगी भर याद रहने वाले हैं, फिल्म के बारे में यामी कहती हैं कि फिल्म की कहानी बहुत अच्छी है. यह एक प्रेम कहानी है और हमारे देश में लोग इस तरह की फिल्में देखना पसंद करते हैं. \n\n"

सलमान खान : कम बोलना मेरे लिए बेहतर

मैड्रिड में बालीवुड सितारों के जमघट के बीच सलमान खान की ...
"मैड्रिड में बालीवुड सितारों के जमघट के बीच सलमान खान की शोहरत देखते ही बनती है. पर मुंबईया या कहें कि हिंदी फिल्मों का यह माचोमैन अपने हालात से उतना खुश नहीं है. 17वें इंटरनेशनल इंडियन फिल्म एकेडमी, जो अब आईफा के नाम से समूची दुनिया में मशहूर है के लिए बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन में सलमान ने चार दिवसीय इस फिल्मी मेले के अपने अब तक के अनुभवों के बीच ढेरों बातें की. \n\n सवाल था उनकी आने वाली फिल्म ‘सुल्तान’ के कुश्ती दृश्यों को करने के बाद वह जब अखाड़े से चलकर बाहर आते हैं, तो उन्हें जो महसूस होता है, उस पर उन्होंने अब से पहले जो विचार रखे थे उसपर उनका क्या कहना है? \n\n जवाब आया, अब मैंने कम बोलने का फंडा अपना लिया है.मुझे कम बोलना होगा. मैं जितना कम बोलूं मेरे लिए उतना बेहतर है. वरना घर में भी डांट पड़ती है. \n\n याद रहे कि फिल्म ‘सुल्तान’ की शूटिंग के अनुभवों पर सुपरस्टार सलमान खान के मुंह से निकल गया था कि वे बलात्कार की शिकार एक महिला जैसा महसूस करते थे. हालांकि उन्हें तुरंत अपनी गलती का अहसास हो गया था, जिस पर उन्होंने कहा था, 'मुझे नहीं लगता कि मुझे यह कहना चाहिए. मेरे कहने का मतलब था कि मुझे कुश्ती वाले दृश्यों की शूटिंग के बाद चलने में बहुत दिक्कत होती थी.' पर बात बिगड़ चुकी थी. \n\n सवाल हुआ, वह अपनी कामयाबी का श्रेय किन लोगों को देना चाहते हैं? जवाब मिला, 'मैं यह दूसरी बार स्पेन आया हूं.लेकिन मैं आज जो कुछ हूं, जहां भी हूं, वहां स्पेन के एक आदमी की बदौलत हूं. वह मेरे लिए पिता समान थे. वह मेरे स्कूल के प्रिंसिपल थे. वह अब नहीं रहे, लेकिन हम उनसे स्कूल में बहुत प्यार करते थे.'\n\n सलमान ने आगे कहा, 'मुझे मालूम है कि यह एक लंबी शाम रही है, इसलिए मैं कम और जल्दी बोलूंगा.' इस पर दर्शकों के बीच बैठी एक महिला ने उन्हें ‘नो’ कहकर और बोलने के लिए उकसाया और उनसे मंच पर थोड़ी देर और रुकने की दरख्वास्त की. सलमान रुक गए, उन्हें जो बात कहनी थी,इशारों में कही, फोटोग्राफरों और कैमरा को पोज दिया और निकल गए. \n\n"

फ्रीडा पिंटो

हीरोइन फ्रीडा पिंटो अमूमन बाहर ही रहती हैं ,इसलिए उनका मैड्रिड के आइफा...
हीरोइन फ्रीडा पिंटो अमूमन बाहर ही रहती हैं, इसलिए उनका मैड्रिड के आइफा समारोह में शामिल होना तो बनता है. पर देश से दूर होने के बावजूद वह यहां की फिल्मी हलचलों से वाकिफ हैं. इसीलिए जब उनसे सलमान खान के कंट्रोवर्सियल रेप्ड वूमन के बयान पर पूछा गया तो उन्होंने साफ-साफ कहा कि कई बार ऐसा होता है कि भले ही जो कहा गया है वह निगेटिव ना हों लेकिन वह अपारंपरिक तो हो ही सकता है. \n\n कैंस और ऑस्कर समारोहों में अकसर दिखाई देने वाली पिंटो आइफा फिल्म समारोह में पहली बार शामिल हुईं, जहां उन्हें इंटरनेशनल आइकन का पुरस्कार से नवाजा गया. पिंटो ने कहा, ‘आपको जिम्मेदारी के साथ कुछ भी कहना चाहिए. मुझे लगता है कि यह इतना महत्त्वपूर्ण है कि बहुत बार यह एक बोझ जैसा लग सकता है, क्योंकि कई बार आप मन की बात करना चाहते हैं.' \n\n फ्रीडा पिंटो ने आगे कहा, ‘और मैं केवल एक इनसान की बात नहीं कर रही. मैं सबकी बात कर रही हूं. आप कुछ कहना चाहते हों और वह भले नकारात्मक ना हों, वह अपारंपरिक हो सकता है. लेकिन फिर नतीजों के साथ जिम्मेदारी आती है, इसलिए आपमें गलत होने पर माफी मांगने की ताकत होनी चाहिए और सही होने पर अपनी बात पर कायम रहना चाहिए.' \n\n याद रहे कि स्लमडॉग मिलियनेयर से चर्चा में आई फ्रीडा पिंटो अपनी बोल्डनेस के लिए भी जानी जाती हैं. हॉलीवुड की कई फिल्मों में उन्होंने बेहद हॉट किरदार निभाए हैं. कहते हैं कि फ्रीडा को 3-डी फिल्म 'इम्मोर्टल्स' में पुजारन का रोल मिला है. इस फिल्म का निर्माण हिट फिल्म 300 के निर्माता कर रहे हैं. \n\n प्राचीन ग्रीस की पौराणिक कहानियों पर आधारित यह फिल्म 3-डी तकनीक से बनी है. जाने-माने हॉलीवुड स्टार मिकी रुरकी इस फिल्म में शैतान किंग हायपेरियॉन की भूमिका निभा रहे हैं. इस फिल्म में फ्रीडा ने एक बेहद हॉट और न्यूड सेक्स सीन किया है, जिसकी झलक फिल्म के प्रोमो में भी दिखाई गई है. \n\n फिल्म के निर्देशक का कहना है कि फ्रीडा के लिए यह सीन बेहद मुश्किल था, इसलिए हमने सेट पर कम से कम लोग रखे और उनमें से अधिकतर कैमरे के पीछे थे. फ्रीडा सहज रह सकें इसलिए सभी लाइट्स भी बंद कर दी गई थी. इस सीन को अंतरंग बनाने के लिए हमने माहौल को एकदम शांत रखने की कोशिश की. फ्रीडा के 'लव सोनिया' फिल्म में काम करने की खबरें भी हैं, जिसके कई भाषाओं में बनने की चर्चा है. \n\n

दीपिका पादुकोण: हॉलीवुड जाएं बड़े बॉलीवुड सितारे

हालीवुड की फिल्मों में बॉलीवुड के कई सीनियर कलाकार छोटे-बडे किरदार निभा चुके हैं ,...
हालीवुड की फिल्मों में बॉलीवुड के कई सीनियर कलाकार छोटे-बडे किरदार निभा चुके हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय फिल्मों में कदम रखने जा रही बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण उम्मीद जताती हैं कि अब पहले से ज्यादा बड़े कलाकारों को पश्चिम में प्रवेश करना चाहिए. \n\n दीपिका हॉलीवुड स्टार वीन डीजल के साथ ‘ट्रिपल एक्स' की तीसरी फिल्म ‘ट्रिपल एक्स: द रिटर्न ऑफ जैंडर केज' कर रही हैं. इस फिल्म की शूटिंग पिछले माह पूरी हो चुकी है. दीपिका के अलावा, प्रियंका चोपडा ने भी हिट अमेरिकी टीवी श्रृंखला ‘क्वांटिको' के जरिए तारीफ बटोरी है. अब वह ‘बेवॉच' के जरिए हॉलीवुड की फिल्मों में भी कदम रखने जा रही हैं. \n\n जब उनसे पूछा गया कि क्या और भी बॉलीवुड सितारों को अब हॉलीवुड में अपना भाग्य आजमाना चाहिए, तो दीपिका ने कहा, ‘हां, मैं ऐसी उम्मीद करती हूं, लेकिन मुझे यह भी लगता है कि अलग-अलग लोगों को अलग-अलग चीजें रोमांचित करती हैं. मुझे पहले भी किरदार मिलते थे, लेकिन मुझे नहीं लगता कि तब मैं तैयार थी. मैं तब ज्यादा रोमांचित भी नहीं थी.' \n\n आइफा समारोह से अलग दिए साक्षात्कार में दीपिका ने कहा, ‘एक हीरोइन के तौर पर मुझे नहीं लगता कि पहले मैं चुनौती के लिए तैयार थी. जब आपको कोई अवसर मिलता है तो आपको हर चीज देखनी पडती है. कोई भी किरदार छोटा-बड़ा नहीं होता. बस आप उस अवसर के साथ क्या करते हैं, यह महत्त्व रखता है.' \n\n इरफान खान बॉलीवुड से एक अन्य अभिनेता हैं, जिन्होंने ‘लाइफ ऑफ पाई', ‘जुरासिक वर्ल्ड' जैसी फिल्मों के जरिए पश्चिमी देशों में एक सफल कैरियर बनाया है. अब वह टॉम हैंक्स अभिनीत ‘इनफेर्नो' में नजर आएंगे. दीपिका को लगता है कि ‘ट्रिपल एक्स' उनके पास उनके कैरियर के बिल्कुल सही पड़ाव पर आई क्योंकि वह लंबे समय से एक्शन फिल्म करना चाह रही थीं. \n\n उन्होंने कहा, ‘कई बार कुछ चीजें उसी समय होती हैं, जब उन्हें होना चाहिए. सबसे बड़ी बात यह है कि यह एक एक्शन फिल्म है और मैंने ‘चांदनी चौक टू चाइना' के बाद से कोई एक्शन फिल्म नहीं की थी.' \n\n

आलिया भट्ट: हर हाल में मुझे ताजगी मिलती

मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में धीरे-धीरे अपना सिक्का जमा रही खूबसूरत अभिनेत्री आलिया भट्ट का ...
मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में धीरे-धीरे अपना सिक्का जमा रही खूबसूरत अभिनेत्री आलिया भट्ट का कहना है कि सफलता से प्रभावित होने के बजाय हर एक फिल्म के साथ वह खुद को बेहतर बनाना चाहती हैं. हाल में रिलीज हुई फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ में आलिया भट्ट ने अपने एक्टिंग की गहरी छाप छोड़ी है. 23 साल की हीरोइन आलिया का कहना है कि नंबर गेम की चिंता किये बगैर मैं ज़िदगी का मज़ा लेना चाहती हूं. हर तरह की फिल्म करना चाहती हूं. \n\n साल 2012 में 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर' से बॉलीवुड में कदम रखने वाली आलिया भट्ट ने 'हाईवे' और '2 स्टेट्स' के साथ लंबा सफर तय किया है. अब वह कहती हैं कि लंदन मेरा अगला लक्ष्य है, अभी तो मैं वहां मौजमस्ती के लिए जा रही हूं, पर हॉलीवुड मेरी अगली मंजिल है. आखिर शशि कपूर, कबीर बेदी, अमिताभ बच्चन, अनुपम खेर, अनिल कपूर जैसे दिग्गज भारतीय कलाकारों से लेकर इरफान खान, निमरत कौर, प्रियंका चोपड़ा और दीपिका पादुकोण जैसे नामों ने विदेशों में भी अपने अभिनय की छाप छोड़ी है. \n\n आलिया का कहना है कि यह सही है कि मेरे कैरियर में चीजें तेजी से हुयी हैं लेकिन मैं डरी हुई नहीं हूं. यह अच्छा है. कई महान निर्देशकों और अभिनेताओं के साथ काम करके मैं काफी आभारी और गौरवान्वित महसूस करती हूं. \n\n आलिया ने कहा कि मेरी प्राथमिकता खुद को सबसे ऊपर, बीच में या नीचे देखने की नहीं है. मैं शीर्ष पर हूं सोचना मुझे पसंद नहीं है, क्योंकि आपके काम या जिस तरह से आप लोगों से निपटते हैं, उसके साथ यह खुद अपने आप आपको मिल जाएगा. मैं अपनी हर फिल्म के बाद एक ताजगी और नया महसूस करती हूं. \n\n अनजाने में पंजाब के ड्रग्स कारोबारियों के चंगुल में फंस जाने वाली एक बिहारी प्रवासी मजदूर की भूमिका निभाने वाली आलिया की दर्शकों और समालोचकों ने तारीफ की है. आलिया ने बताया कि यह एक मुश्किल भूमिका थी. \n\n 'उड़ता पंजाब' इस साल 'कपूर एंड संन्स' की रिलीज के बाद उनकी दूसरी फिल्म थी. इसके अलावा वह 'शुद्धि', 'बद्रीनाथ की दुल्हिनया' और निर्देशक गौरी शिंदे की फिल्म में दिखाई देंगी. \n\n
Laoding...